राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा एवं सासंद राज्यसभा असम मे आई आई एम स्थापना ऐमेंडमेंड बिल पर चर्चा मे भाग लिया।

दीपक मिश्रा 

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह विधेयक मोदी जी की सरकार की रिफार्म, परफार्म, ट्रान्सफार्म इस नीति को प्रकट करता है। वर्षों तक नाॅर्थ ईस्ट अशांत रहा, वो पहले की सरकारों की नीतियों के कारण जो नार्थ ईस्ट की उपेक्षा हुई है जब से मोदी जी की सरकार आई पहले सी नाॅर्थ, नार्थ ईस्ट, फिर एक्ट नार्थ ईस्ट इस पर जो काम हुआ है विभिन्न प्रकार से वहां पर जो अशांति थी उसमें भी कमी आई है, लगभग समाप्त हुई है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि जो भारत सरकार, आसाम सरकार और उल्फा के बीच में एमओएस हुआ था उसके अन्तर्गत बहुत सी विकास की योजनायें स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज के अंतर्गत आसाम में होनी हैं और हो रही हैं। उसी के अन्तर्गत यह आईआईएम भी वहां पर स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए मैं अपने शिक्षा मंत्री आदरणीय धर्मेन्द्र प्रधान जी को बधाई देता हूं कि 555 करोड़ रूपये के आवंटन से यह आईआईएम वहां प्रारम्भ हो रहा है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि बड़ा आश्चर्य होता है देखकर जिस आसाम की आबादी 3 करोड़ है, वहां पर कोई आईआईएम नहीं था। 5.50 लाख युवा वहां पर हायर एजुकेशन के लिए रजिस्टर्ड हैं। उनके लिए कोई अवसर नहीं था दूसरी जगह जाना पड़ता था, आज उनको वो अवसर प्राप्त हो रहा है कि वे अपना एक्सीलेंस बढा सकते हैं, हायर एजुकेशन में अपर स्थान पा सकते हैं।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि जहां 2014 से पहले सिर्फ 02 आईआईएम मेरिट लिस्ट में आते थे, ग्लोबल रैंकिंग में आते थे, वहां 7-7 आईआईएम ग्लोबल रैंकिंग में आ रहे हैं। फाईनेंनसियल टाइम्स की जो ग्लोबल रैंकिंग है जो सबसे विश्वसनीय मानी जाती है उसने हमारे 07 आईआईएम को रैंकिंग में लिया है,तो यह हर्ष का विषय है और जिस प्रकार से 2014 से पहले केवल साढे तीन हजार छात्र आईआईएम में शिक्षा प्राप्त करते थे, और आज 9 हजार आठ सौ से ज्यादा छात्र उसमें शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं लगभग तीन गुना यह संख्या है इससे इसमें और वृद्धि होगी और युवकों को उसमें अवसर प्रदान होगा।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि इसी प्रकार एजुकेशन ही नहीं सब क्षेत्रों में मेडिकल काॅलेज डबल हुए, हवाई अड्डे डबल हुए, वंदे भारत ट्रेनें गयी, यूनविर्सिटीज खुली, तो इसी प्रकार से करते हुए जहां केवल 13 आईआईएम थे वहां 22 आईआईएम हो रहे हैं, और प्राईवेट इंडियन बिजनेस स्कूल (आईबीएस) में छात्र को एक वर्ष के कोर्स के लिए 34 से 42 लाख तक खर्च करना पड़ता था, आईआईएम खुलने के बाद दो वर्ष का जो एमबीएस कोर्स है,उसमे 14 लाख से 26 लाख तक के बीच में शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार इसमें जो प्रत्येक छात्र पर 150 रू0 खर्च होता है उसमें से 125 रू0 सरकार वहन करती है और इंस्टीट्यूट केवल 25 रू0 वहन करता है। इस प्रकार सरकार के द्वारा पूर्ण अवसर नार्थ ईस्ट के, आसाम के और उसके आसपास के छात्रों को मिलेगा, हायर एजुकेशन के लिए अब उनको विदेश नहीं जाना पडेगा। मैं इस एमेंडमेंट बिल का समर्थन करते हुए मा0 शिक्षा मंत्री को बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि उन्होंने यह बहुत अच्छा कार्य किया है

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