दीपक मिश्रा
हरिद्वार, 10 जुलाई। आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के बीच आह्वान अखाडे आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी महाराज और योग गुरु बाबा रामदेव ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। पतंजलि योगपीठ में चर्चा के दौरान स्वामी संतोषानंद महाराज भी उपस्थित रहे। चर्चा करते हुए संतों ने कहा कि कुछ विदेशी शक्तियां सुनियोजित तरीके से भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास कर रही हैं। सनातन धर्म को नष्ट करने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, लेकिन उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म हमारी पहचान है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। बाबा रामदेव ने कहा कि कुंभ मेला सनातन संस्कृति का केंद्र बिंदु है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालु कुंभ मेले में आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव करेंगे। हरिद्वार में संत-महापुरुषों के सानिध्य में कुंभ मेला कुशलतापूर्वक संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि कुंभ न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और परंपरा को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। सभी के सम्मिलित प्रयासों से ही लगातार बिगड़ रहे पर्यावरण को बचाया जा सकता है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी महाराज ने योग गुरु बाबा रामदेव की सराहना करते हुए कहा कि वे योग के साथ अध्यात्म का प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। उनका मार्गदर्शन समाज के लिए अनुकरणीय है और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। स्वामी अरूण गिरी महाराज ने कहा कि मनुष्य का जीवन वृक्षों और स्वच्छ पर्यावरण पर निर्भर है। अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले और नासिक महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही सभी श्रद्धालुओं को पौधे भेंटकर उनका रोपण और देखभाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।