प्रकृति मे परिवर्तन एक नैर्सिंगक प्रक्रिया

दीपक मिश्रा 

 

हरिद्वार- 01 फरवरी, 2025 प्रकृति मे परिवर्तन एक नैर्सिंगक प्रक्रिया है, जो विकासित से विकास का क्रम तय करती है। मनुष्यकृत व्यवस्था मे भी परिवर्तन जरूरी है, जो शोध के माध्यम से सम्भव है। यही शोध समाजिक व्यवस्था, तकनीकी जानकारी, सोच की स्थिति एवं मानसिक स्तर मे बदलाव का सशक्त माध्यम है। गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय मे शारीरिक शिक्षा के प्रशिक्षु छात्रों के साथ संवाद मे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ0 शिवकुमार चौहान ने यह बात कही। उन्होने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शारीरिक शिक्षकों को बताया कि शोध जीवन के प्रत्येक आयाम एवं परिस्थिति से जुडा है। शोध की उपयोगिता केवल नये रहस्य एवं तथ्यों को उदघाटित करना नही है, अपितु युवाओं की मानसिक स्थिति मे बदलाव करके स्थितिवंश मिलने वाली चुनौतियों मे न घबराने तथा आत्मबल, सयंम एवं धैर्य से परिस्थिति को पहचानने की सूझ विकसित करता है। डॉ0 चौहान ने कहॉ कि शोध से जुडी समस्या की पहचान तथा उसके निकले की कला ही शोधार्थी को निपुण बनाती है। यही निपुणता जीवन मे आने वाली चुनौतियों एवं संघर्ष की स्थिति से बचाव मे कारगर हो सकती है।
उत्तराखंड राज्य मे चल रहे 38-वे राष्ट्रीय खेलो के आयोजन पर चर्चा करते हुये डॉ0 शिवकुमार चौहान ने कहॉ कि खेलो का वर्तमान स्तर खिलाडियों के बेहतर कल की पहचान कराने वाला है। प्राचीन खेलो की स्थिति एवं समय के साथ हुए बदलाव तथा तकनीकि जानकारी के समन्वय से खेलों मे भी रोचक तथा अकल्पनीय परिवर्तन हुए है। जिसके मूल मे शोध तथा शोध परक व्यवस्था अहम है। खेल को समझने मे खिलाडी शोधार्थी तथा कोच शोध सुपरवाईजर की भूमिका का निर्वहन करता है। जिससे खेलो का बेहतर स्तर तथा खेल उपलब्धियॉ अर्जित करने मे सफलता प्राप्त होती है। शोध जैसे नीरस विषय मे आनन्द एवं उत्साह पैदा करने के लिए खेल एक बेहतर माध्यम बन सकता है। शिक्षा-क्षेत्र के मापदण्डों को समझने मे प्रायः समय की अधिकता के कारण मन मे उत्पन्न जटिलता को दूर करने के लिए खेल त्वरित ऊर्जा प्राप्त करने का सर्वोत्तम प्राकृतिक माध्यम है। बेहतर शोधार्थी का विश्लेषण करने मे खेल की जानकारी तथा उसके समयानुकूल प्रयोग को जानने वाला ही एक निपुण शोधवेत्ता बन सकता है। इस स्थिति मे प्राप्त समाधान सर्वाधिक प्रभावी एवं ग्रहण करने वाला बन सकता है। छात्र परिसंवाद मे भाग लेने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों मे प्रियरंजन, देवराय, हितिक शर्मा, अमन रावत, शशांक, दीपेन्द्र सिंह, अमन सागर, अमन मलिक, मोहित गुसाई, रोहित आदि सम्मिलित रहे।

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