दीपक मिश्रा
— 23 नवंबर को हरिद्वार में निकाली जाएगी आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा, आर्य समाज के सिद्धांतों का करेंगे प्रचार
हरिद्वार। आर्य समाजियों ने शिक्षा, चिकित्सा एवं न्याय निशुल्क की मांग के साथ चरित्र निर्माण, बेरोजगारी को दूर करने आदि मांगों को लेकर निकाली जा रही आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा को सफल बनाने के लिए आह्वान किया। यात्रा 23 नवंबर को निकाली जाएगी। वक्ताओं ने आर्य समाज के प्रचार प्रसार पर जोर देते हुए मुख्यतया नशा मुक्त रहने, चरित्र निर्माण पर फोकस किया।
शनिवार को वेद मंदिर आश्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरनंद के नेतृत्व में आर्य समाज की बैठक हुई। जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि आर्य समाज ने कुरुतियों से दूर रखने का काम किया है और आज बढ़ती नशावृत्ति के कारण बढ़ रहे विभिन्न तरह के अपराधों एवं विकृत्तियों से मुक्ति के लिए आर्य समाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद के सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को वेद पढ़ने को प्रेरित करते हुए कहा कि वेदों में नैतिकता, विज्ञान और समाज शामिल हैं। वेद सत्य और तर्क पर आधारित हैं, जो व्यक्ति को सही मार्ग चुनने में मदद करते हैं। आर्य समाज के पूर्व प्रधान मानपाल सिंह ने कहा कि देश में लिव इन रिलेशन, समलैंगितता के कानून को निरस्त करने की मांग उठाई। आर्य समाज के प्रधान हाकम सिंह ने 23 नवंबर को निकाली जा रही आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा को सफल बनाने के लिए एकुजटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये यात्रा ऐतिहासिक होगी और आर्य समाज के सिद्धांतों को बताया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए शंकरानंद आर्य ने शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव—गांव, शहरों में हस्ताक्षर अभियान चलाने के लिए कहा और आर्य समाज की मासिक बैठक करने को कहा।
संचालन करते हुए स्वामी ओमानंद आर्य ने भ्रूण हत्या पर चिंता जताते हुए कहा कि चरित्रवान बनाने के लिए बालक और बालिकाओं के स्कूल अलग—अलग हो, साथ ही जातिवाद समाप्त करने की बात कही। उन्होंने एक देश में एक अभिवादन होने की बात कही।
इस मौके पर प्रेम प्रकाश शर्मा, हुकम सिंह, अनूप राठी, आचार्य रणवीर, स्वामी नरेंद्र, इतिहासकार करण सिंह कांबोज, प्रवीण वैदिक, यशवीर सिंह, ब्रह्म पाल, स्वामी योगेश्वरानंद, वेदपाल, डॉ जयपाल सिंह, आनंदस्वरूप वर्मा, जगपाल सिंह, दिनेश, स्वामी निगम भारती आदि शामिल हुए।