दीपक मिश्रा
हरिद्वार, 25 जनवरी। जम्मू यात्री भवन भूपतवाला में आयोजित लाजपत राय मेहरा न्यूरोथैरेपी रिसर्च ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं एआईएनए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 26वें न्यूरोथैरेपिस्ट वार्षिक अधिवेशन के दूसरे दिन विशेषज्ञ वक्ताओं ने न्यूरोथैरेपी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। प्रशांत ने न्यूरोथैरेपी के सिद्धांत, रोग निदान तथा उसके व्यावहारिक बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
लाजपत राय मेहरा न्यूरोथैरेपी रिसर्च ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रामगोपाल परिहार ने विश्वविद्यालयों में न्यूरोथैरेपी को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने के लाभ पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष न्यूरोथैरेपी को प्रस्तुत करने के अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वैश्विक स्तर पर इस पद्धति को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ रहा है। ओएसजीयू हिसार के फिजियोथेरेपी विभाग के सहायक प्राध्यापक डा.समीर सिंह ने बताया कि यदि फिजियोथेरेपी के कुछ प्रभावी बिंदुओं को न्यूरोथैरेपी के साथ जोड़ा जाए तो रोगियों को अधिक एवं शीघ्र बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। उन्होंने विशेष बच्चों के उपचार में न्यूरोथैरेपी के उत्कृष्ट परिणामों पर भी प्रकाश डाला। हरियाणा योग आयोग के उपाध्यक्ष डा.रोशन लाल ने न्यूरोथैरेपी को आगे बढ़ाने के लिए लाजपत राय मेहरा न्यूरोथैरेपी रिसर्च ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू करने की घोषणा की। जिससे इस चिकित्सा पद्धति को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। सत्र के मुख्य अतिथि सेवा भारती के अखिल भारतीय छात्रावास प्रमुख जयदेव व आयोजकों ने न्यूरोथैरेपी के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से निरंतर सेवा देने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर रामगोपाल परिहार, वीरेंद्र प्रसाद चौरसिया, रमेश शर्मा, अजय कुमार कुशवाह, सुकुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।