दीपक मिश्रा
दो दिनों तक चला रोटरी मंडल 3080 का वार्षिक अधिवेशन अत्यंत भव्य और प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस मंडल में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ के 17 प्रशासनिक जिलों के लगभग 120 क्लब सम्मिलित हैं। इन सभी क्लबों का यह महाअधिवेशन रोटरी हरद्वार और रोटरी रुड़की मिडटाउन द्वारा संयुक्त रूप से BHEL Convention Centre में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान रोटरी की विचारधारा, सेवा प्रकल्पों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य बलकृष्ण (पतंजलि ) के प्रेरक संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने योग और आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात जेगुआर के CSR हेड कुंवर शमशेर ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
पहले दिन रोटरी क्लबों ने मिलकर 100 जरूरतमंद बालिकाओं को साइकिलें भेंट कीं, जो सेवा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। प्रथम दिवस के प्रमुख वक्ताओं और कलाकारों में डॉ. दीबा आरिफ, अंगद रान्याल , मेजर डी पी सिंह , अभिनेत्री भाव्या त्रिखा तथा RJ नावेद शामिल रहे, जिनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
द्वितीय दिवस पर रोटेरियन पराग सक्सेना की पुत्री मान्या सक्सेना की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। AIIMS ऋषिकेश के डॉ. राज बहादुर ने स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने विचार रखे। हास्य कलाकार अरुण जैमिनी और अभिनेता-निर्देशक प्रकाश बेलवाड़ी के साथ संवाद सत्र ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया।
पूरा अधिवेशन मंडलाध्यक्ष रो. रवि प्रकाश के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को गति देने की जिम्मेदारी रो. पंकज पांडेय की रही,
कार्यक्रम का संचालन समय-समय पर मधुकर मल्होत्रा जी, अरविंद अग्रवाल जी, मुजीब मलिक जी, मनमोहन सिंह जी एवं हसन सिंह मेझी ने कुशलतापूर्वक किया।
इस भव्य आयोजन में लगभग एक हजार सदस्यों ने सहभागिता की। साथ ही 20 स्टॉल लगाकर प्रतिभागियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन का अवसर भी प्राप्त हुआ।
दो दिनों तक चले इस सम्मेलन ने BHEL के कन्वेंशन हॉल की पूरी रूपरेखा ही बदल दी। पिछले दो महीनों से रोटरी की एक समर्पित टीम हॉल के रंग-रोगन, सफाई और साज-सज्जा की तैयारी में जुटी हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप स्थल का स्वरूप पूर्णतः आकर्षक और गरिमामय बन सका।
यह अधिवेशन सेवा, नेतृत्व, प्रेरणा और भाईचारे का एक अनुपम संगम सिद्ध हुआ।