दीपक मिश्रा
हरिद्वार, संवाददाता। पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या और संक्रांति के दुर्लभ संयोग ने धर्मनगरी हरिद्वार को आस्था के महासागर में बदल दिया। सोमवार तड़के से ही हरकी पैड़ी समेत सभी प्रमुख गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और दिनभर स्नान का सिलसिला जारी रहा। वीकेंड के चलते इस यात्रा सीजन की अब तक की सबसे बड़ी भीड़ ने हरिद्वार में उमड़ी नजर आई। हरकी पैड़ी के अलावा प्रेमनगर आश्रम घाट, अमरापुर घाट, बिरला घाट और कुंभ मेले के दौरान विकसित किए गए घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। गंगा तट हर हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारों से गूंजता रहा। सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या पर गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से कई गुना फल प्राप्त होता है। यही वजह रही कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। पुरुषोत्तम मास के समापन का भी स्नान पर्व पर विशेष प्रभाव देखने को मिला। हालांकि इस बार प्रशासन को भीड़ का अनुमान था, इसलिए पहले से ही एक्सरसाइज की गई थी। लेकिन अनुमानित भीड़ से ज्यादा लोग हरिद्वार पहुंचे और सभी व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आईं।
पांच किलोमीटर पहले वाहन छोड़ पैदल स्नान को पहुंचे श्रद्धालु।
भीड़ का दबाव इतना अधिक रहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही और वाहन रेंगते हुए नजर आए। हालात ऐसे रहे कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी से काफी पहले ही हरिलोक तिराहे और अन्य जगहों पर अपने वाहन खड़े कर पैदल घाटों तक पहुंचना पड़ा। तेज धूप और भीषण गर्मी ने श्रद्धालुओं को परेशान किया। लेकिन आस्था के आगे कठिनाइयां छोटी पड़ गईं और श्रद्धालु परिवार सहित पैदल ही स्नान के लिए निकल पड़े।
प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुई
प्रशासन ने स्नान पर्व को लेकर व्यापक तैयारियों का दावा किया था। पूरे मेला क्षेत्र को 16 जोन और 46 सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई। डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं हरकी पैड़ी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बावजूद इसके, भीड़ का दबाव इतना अधिक रहा कि कई व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आईं। हालांकि पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते हुए भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
पार्किंग, होटल और धर्मशालाएं सब पैक।
हरकी पैड़ी के आसपास स्थित पंतद्वीप, दीनदयाल और रोडीबेलवाला सहित सभी प्रमुख पार्किंग स्थल सुबह ही भर गए। शहर के अधिकांश होटल और धर्मशालाओं में कमरों की उपलब्धता समाप्त हो गई। प्रशासन ने आंतरिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर अतिरिक्त वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग की ओर भेजा। वहीं कई श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी की भीड़ से बचते हुए हाईवे किनारे बने अन्य घाटों पर भी स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
क्या बोले श्रद्धालु
भीड़ बहुत ज्यादा है, लेकिन हरकी पैड़ी पर स्नान का अनुभव अविस्मरणीय है। मां गंगा के दर्शन से सारी थकान दूर हो गई।
नीता, मुंबई
हरकी पैड़ी तक पहुंचना मुश्किल लगा, इसलिए अमरापुर घाट पर स्नान किया। वहां भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ थी। इतनी भीड़ हरिद्वार में पहली बार देखी है।
राजेश, मुंबई
हाईवे पर लंबा जाम मिला। करीब पांच किलोमीटर पहले गाड़ी पार्क की और हरकी पैड़ी तक जाने में कई घंटे लग गए, लेकिन गंगा स्नान की आस्था के सामने ये परेशानी मायने नहीं रखती।
इशू, हरियाणा
इससे पहले इतनी भीड़ प्रयागराज में देखी थी। इस बार हरिद्वार में भी देखने को मिली। वाहन काफी दूर खड़ा करना पड़ा और पैदल चलना पड़ा, लेकिन गंगा स्नान करके सब ठीक हो गया। बहु बेटे समेत पूरा परिवार साथ आया है।
सतेंद्र हरियाणा