दीपक मिश्रा
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ,प्रांतीय संघ के आह्वान परसात सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन पूर्ण कार्य बहिष्कार एवं धरना आंदोलन का शुभारंभ आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय, देहरादून में किया गया।
आंदोलन के प्रथम दिवस प्रदेशभर से लगभग 500 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी निदेशालय परिसर में एकत्रित हुए। धरना सायं 5:00 बजे तक लगातार जारी रहा, जिसमें चिकित्साधिकारियों ने विभागीय उपेक्षा, लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों तथा संवर्गीय मांगों के निराकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया।
धरने को उस समय और अधिक बल मिला जब राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष अरविंद चौहान तथा राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विजय बिष्ट ने मंच पर पहुंचकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया। दोनों संगठनों ने चिकित्साधिकारी संवर्ग की न्यायोचित मांगों को विभागीय हित में बताते हुए संघर्ष में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। साथ ही फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने घोषणा की कि वह कल से धरना स्थल पर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से सहभागी बनेगी।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, एसीपी/डीएसीपी लाभ, लंबित पदोन्नति एवं सेवा संबंधी प्रकरणों, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की व्यावहारिक समस्याओं सहित सात सूत्रीय मांगों पर शासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन के कारण उत्तराखंड प्रदेश के समस्त आयुष चिकित्सालयों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदेश के लगभग 800 चिकित्सालय इस कार्य बहिष्कार से प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते हजारों मरीजों को उपचार संबंधी असुविधाओं का सामना करना पड़ा और वे परेशान हुए।
आंदोलन के अंत में सभी उपस्थित चिकित्साधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निदेशालय परिसर के चारों ओर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर सांकेतिक रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मानव श्रृंखला के माध्यम से आंदोलनकारियों ने अपनी एकजुटता, संगठनात्मक शक्ति एवं मांगों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यह सांकेतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित चिकित्साधिकारियों ने सहभागिता की।
प्रांतीय संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली एवं महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने बताया कि यह धरना अनिश्चितकालीन समय तक जारी रहेगा तथा आगामी दिनों में आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सात सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक एवं लिखित समाधान नहीं दिया जाता, तब तक पूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना जारी रहेगा।