दीपक मिश्रा
’भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने संसद के दोनो सदनो मे एंटी पेपर लीक बिल व वंदे मातरम बिल पास होने पर हर्ष जताया है व इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया है।’
डा. नरेश बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान संबंधित बिल का सदन मे पास होना दिखाता है की आज एक राष्ट्रवादी सरकार है व देशभक्त उसे चला रहे है व देश के वदंन का अब और अपमान हिन्दुस्तान नही सहेगा। डा. बंसल ने कहा कि इस बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को ज्यादा सम्मान और पहचान दिलाना है। यह राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने की दिशा में मोदी सरकार का एक और मजबूत कदम है। डा. बंसल ने कहा कि यह कानून गीत में निहित मूल्यों को बढ़ावा देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में इसे उचित सम्मान मिले ।
राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम’’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने के लिए कानूनी प्रावधान को मंजूरी देकर उस पर कानून बनाने का काम मोदी सरकार ने किया है वह स्वागत योग्य है। डा. नरेश बंसल ने कहा की यह मोदी की गारंटी है कभी खाली नही जाती निरंतर बढ़ती रहती है।
एंटी पेपर लीक बिल पर मोदी जी को साधुवाद देते हुए डा. नरेश बंसल ने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। डा. नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष केवल विरोध करता है जबकि मोदी सरकार काम करती है। जो पिछलो सत्तर साल मे नही हुआ वो अब हुआ है, छात्र-छात्राओ के हित के लिए नकल माफिया पर लगाम लगाने को कानून मोदी सरकार लाई है। इस देश के युवा से खिलवाड़ न हो व वह उससे बचे इस पर कानून लाकर लगाम लगाने का काम आदरणीय प्रधानमंत्री जी कि छात्र हितेषी सरकार ने किया है। विपक्ष सत्ता मे इस पर कुछ कर न सका अब सदन मे हंगामा कर इसमे व्यवधान डालने का काम कर रहा है। डा. नरेश बंसल ने विपक्ष को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि विपक्ष सारी संवैधानिक मर्यादा भूल गया है। जिस लहजे मे नेता विपक्ष व उनके लोग बात करते है वह लोकतंत्र के लिए अशोभनीय व अपमानजनक है। केवल विरोध के लिए सदन न चलने देना गलत है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) बिल’ जिसे आम तौर पर ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ कहा जाता है इस बिल का मकसद केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित पब्लिक एग्जाम में क्वेश्चन पेपर लीक, नकल और गड़बड़ियों को रोकना है। इसमें पेपर लीक और संगठित नकल रैकेट में शामिल लोगों के लिए जेल की सजा और भारी जुर्माने जैसे कड़े प्रावधान हैं। परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधान, जिसमें 5 से 10 साल की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का नियम है जैसा कड़ा बिल मोदी सरकार ने लाकर नकल माफिया कमर तोड़ने का काम किया है