दीपक मिश्रा
आगरा के डीईआई प्रेम विद्यालय की दो छात्राओं, आरना दयाल और बानी सत्संगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित SciHi Virtual Hackathon 2025 में तृतीय पुरस्कार जीतकर अपने विद्यालय और शहर का नाम रोशन किया है।
*क्या है सिविकसेतु?*
आरना और बानी ने “सिविकसेतु” नामक एक डिजिटल मंच तैयार किया है, जो नागरिकों को न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की सहायता से जोड़ने का काम करेगा। यह मंच 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा और इसमें वॉयस-फर्स्ट सुविधा भी है, जिससे पढ़ने-लिखने में कठिनाई झेलने वालों को मदद मिलेगी।
*हैकाथॉन का मंच*
SciHi Virtual Hackathon 2025 एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों ने भाग लेकर विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में छात्रों को AI, IoT, Robotics और App Development जैसे विषयों पर वेबिनार और विशेषज्ञों से मेंटरशिप मिली।
*भविष्य की उम्मीद*
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे देश में जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 60% परिवारों की नियमित डिजिटल पहुँच नहीं है, वहां इस तरह की पहलें डिजिटल खाई को पाटने में मददगार साबित होंगी। आरना और बानी का लक्ष्य है कि उनका मंच हर नागरिक तक त्वरित मदद और सशक्तिकरण पहुंचाए।
*छात्राओं का सपना*
आरना और बानी का कहना है कि उनका लक्ष्य सरल है— “एक क्लिक। एक आवाज़। एक सिविकसेतु।” इस पुरस्कार से उत्साहित होकर, वे अपने मंच को और भी बेहतर बनाने के लिए काम करेंगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास करेंगी।