दीपक मिश्रा
हरिद्वार/ कृष्णा नगर रामलीला कमेटी (रजि०) के 22वे वर्ष में प्रथम दिन लीला में शिव बारात, कैलाश लीला, सीता जन्म का दृश्य दिखाया गया। लीला की शुरुआत नारद मुनि का राजा हिमालय के दरबार में शिव पार्वती के विवाह का प्रस्ताव रखना और शिव को विवाह के लिए मनाना दर्शाया गया। पार्वती शिव को पाने के लिए घोर तपस्या करती हैं। जिसके उपरांत शिव पार्वती का विवाह होता है जिसमें शिवगण खुशी मनाते हैं। रावण कैलाश पर्वत को उठाने की कोशिश करता है लेकिन सफल नहीं हो पाता। शिव रावण को एक तलवार भेंट करते है और कहते है इस तलवार की रोज पूजा करना जिस दिन नहीं करोगे वह दिन तुम्हारा आखिरी दिन होगा।
वहीं मिथिला में राजा जनक खुशहाली के लिए खेत में हल चलाते है इसी दौरान उन्हें भूमि से एक बच्ची मिलती है। जिसका नाम सीता रखा जाता है। जनक के अभिनय में श्रीराम मगन, शिव के अभिनय में जगदीश चावला, नंदी के रूप में कृष्णा शर्मा, रावण के अभिनय में प्रतीक मदान, मारीच में ईशान अरोरा, पार्वती का अभिनय सिमर, हिमालय का अभिनय चेस्टा, नारद साहिल कटारिया, शिवगण का अभिनय अंकुर शर्मा ने निभाया।