प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया

दीपक मिश्रा 

 

ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्याश्रम संस्कृत महाविद्यालय हरिद्वार में आज प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें संस्कृत शिक्षा सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा हरिद्वार एवं प्रधानाचार्य डॉ बलदेव प्रसाद चमोली ने नव प्रवेशी छात्रों का मंगल तिलक माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर एवं वरिष्ठ छात्रों ने स्वस्ति वाचन से स्वागत अभिनंदन किया।
इस अवसर पर डॉ वाजश्रवा आर्य ने कहा कि पूरे प्रदेश में प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम चल रहे हैं राज्य में अधिक से अधिक विद्यार्थी संस्कृत विद्यालयों महाविद्यालयों में प्रवेश लें इस हेतु संपर्क अभियान बढ़ाने की आवश्यकता है उन्होंने नव प्रवेशी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत संस्कारों की जननी है वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संस्कारों का मानव जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है आज के आधुनिकतावादी समाज में संस्कारों का ह्रास होना चिंता का विषय है जिसमें संस्कृत के विद्यार्थी समाज निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं अतः समाज के लोग भी संस्कृत अध्ययन अध्यापन हेतु जन जागरण करते हुए अधिकाधिक संस्कृत पढ़ने के लिए अपने पाल्यों को संस्कृत गुरुकुलों,ऋषिकुलों, पाठशालाओं में भेजें।
उन्होंने कहा कि सरकार भी हर स्तर पर संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कटिबंध है प्राचार्य प्रधानाचार्य डॉक्टर बलदेव प्रसाद चमोली ने आशीर्वचन प्रदान करते हुए छात्रों से सत्य के मार्ग में चलने,धर्म का पालन करने, अनुशासन, अध्ययन,नित्य योगाभ्यास एवं भगवत् उपासना करने के लिए प्रेरित किया उन्होंने कहा कि संस्कृत के छात्रों पर समाज की दृष्टि बढ़ी हुई है इसलिए अपने आचरण व्यवहार और कर्म को श्रेष्ठ बनाकर समाज निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाण करने के लिए तैयार रहना होगा कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नवीन चंद्र पंत ने किया इस अवसर पर देवी दत्त कांडपाल, भास्कर शर्मा, रमेश जोशी, उमा जोशी मनोज शर्मा, चंपा, प्रकाश तिवारी, गीता,नव प्रवेशी छात्र अंशुमान चमोली,शिवा त्रिपाठी,सूर्यांश शर्मा, आदित्य पन्त, आर्यन शर्मा, आदित्य गोस्वामी,हर्ष गोयल, निखिल शर्मा,पार्थ वशिष्ठ,प्रणव,दीपक नागर, अक्षांश शर्मा, सोहनलाल, अंकुर सैनी, के साथ ही अन्य छात्र उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *