दीपक मिश्रा
हरिद्वार/ पंजाब स्थित भिन्न भिन्न गुरुद्वारों के दर्शन और गुरुओं की पवित्र धरती को नमन करने के लिए 31 श्रद्धालुओं का जत्था धार्मिक यात्रा पर रवाना हुआ। वीरवार की सुबह जत्था कनखल स्थित निर्मल संतपुरा आश्रम गुरुद्वारे में माथा टेककर और अरदास कर यात्रा प्रारंभ की। संत जगजीत सिंह शास्त्री ने बताया कि गुरु नानक देव के 556वे प्रकाशोत्सव और गुरु तेग बहादुर के 350वे शहीदी दिवस पर 11 धार्मिक स्थलों की यात्रा शामिल है। संगत सर्वप्रथम पंजोखड़ा साहिब फिर लखनौर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, माछीवाड़ा साहिब, बीभौर साहिब, गुरु का लाहौर, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब, चमकौर साहिब, भट्ठा साहिब, नाड्डा साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा का उद्देश्य गुरुओं के बारे में जानकारी लेना है। कई लोग दस गुरुओं की जीवनी से अनभिज्ञ हैं। सभी को अपने दस गुरुओं के जीवन से संबंधित शहीदी और धर्म के लिए किए गए कार्यों की जानकारी होनी चाहिए। इसमें कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे भी शामिल हैं। पवित्र भूमि के दर्शन से मन को शांति मिलती है। गुरुओं ने आपसी भाईचारे के साथ साथ जुल्म के खिलाफ लड़ना भी सिखाया। नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। 24 नवंबर को उनका 350 वा शहीदी दिवस है। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।
धार्मिक यात्रा पर मनिंदर कौर, हरविंदर सिंह रिंकू, कुलदीप सिंह, सरबजीत कौर, महेंद्र सिंह, अपनिंदर कौर, हरविंदर सिंह भाटिया, सुमन शर्मा, शशि अरोड़ा, अमरजीत कौर, बीना चिटकारिया, जगजीत सिंह, कमल राज, सतबीर कौर, लव कुमार शर्मा, परमजीत सिंह, अमनदीप सिंह, आध्या अरोड़ा, पुष्पा सहगल, शालिनी, सीमा सुखीजा, हर्ष अरोड़ा, पूनम नरूला, ऋतु मखीजा, ओसिल भाटिया, कशिश कौर, अगमप्रीत कौर, दयाल सिंह , सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह आदि शामिल थे।