गुरुद्वारों में पौष महीने की संक्रांत पर संगत ने गुरुद्वारे पहुंचकर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के आगे माथा टेक श्री गुरु ग्रन्थ साहिब का आशीर्वाद लिया।

दीपक मिश्रा 

हरिद्वार/ गुरुद्वारों में पौष महीने की संक्रांत पर संगत ने गुरुद्वारे पहुंचकर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के आगे माथा टेक श्री गुरु ग्रन्थ साहिब का आशीर्वाद लिया। इस दौरान गुरुद्वारों में संगत ने कथा और शब्द कीर्तन सुना। प्रेम नगर चौक स्थित निर्मल विरक्त कुटिया डेरा कार सेवा ऐतिहासिक गुरुद्वारे में दीवान सजाया गया। इस अवसर पर बाबा पंडत ने कहा कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदडी के लिए सिक्ख समाज का संघर्ष जारी रहेगा। शासन प्रशासन समाज की मांग को अनसुना कर रहा है। सूबा सिंह ढिल्लो ने कहा कि समाज की भावनाओं को देखते हुए जल्द से जल्द मूल स्थान आवंटित किया जाए।
कनखल स्थित निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में कथावाचक संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, ज्ञानी पंकज सिंह ने कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि पौष का महीना शहादत का महीना है। इस महीने गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादे और माता गूजरी ने धर्म के लिए अपनी शहादत दी थी। पौष महीने में शुभ कार्य नहीं किए जाते। परमात्मा का सिमरन करने से सुखशांति मिलती है। संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी चार साजिबजादों और माता गूजरी की शहादत पर 21 दिसंबर से 28 दिसंबर तक रोजाना शाम को गुरुद्वारे में सुखमनी साहिब का जाप किया जाएगा साथ ही कथावाचकों द्वारा शहादत का इतिहास भी सुनाया जाएगा।
इस अवसर पर सुखदेव सिंह, राजेंद्र सिंह, रोशन सिंह, अपनिंदर कौर, सिमरन कौर, सतपाल सिंह चौहान, महिंद्र सिंह, उज्जल सिंह, अमरदीप सिंह, जसविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, हरविंदर सिंह भाटिया, सुमन शर्मा, परमिंदर सिंह गिल, सरबजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, मंजीत सिंह, गुरचरण सिंह, मोहन सिंह, अनूप सिंह, जोगेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।

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