दीपक मिश्रा
हरिद्वार। हरिद्वार के रिहायशी इलाकों में फिर से जंगल हाथी घुसने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार देर रात एक जंगली हाथी आबादी में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया। इतना ही नहीं हाथी दुधाधारी चौक के पास संचालित एक पेट्रोल पंप के अंदर घुस गया। अचानक हाथी को देखकर पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। सोशल मीडिया पर हाथी के पेट्रोल पंप में घुसने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार देर रात जंगल से निकलकर एक जंगली हाथी, हरिद्वार के दुधाधारी चौक के पास आबादी में आ घुसा। सबसे पहले हाथी चौक के पास संचालित एक पेट्रोल पंप में घुस गया। हाथी को देखकर पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और वहां डीजल पेट्रोल लेने आए ग्राहकों में अफरा तफरी मच गई। हाथी सीधा पेट्रोल पंप के अंदर घुसा तो वहां मौजूद लोगों ने दौड़ लगा दी और जैसे तैसे करके भागकर अपनी जान बचाई। थोड़ी देर पेट्रोल पंप में चहलकदमी करने के बाद हाथी वहां से निकला और हाईवे की सर्विस लेन पर पहुंच गया। वहां से होता हुआ वो रानी गली में घुस गया। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच कुछ लोग हाथी की वीडियो बनाने लगे। एक युवक ने तो वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान को भी खतरे में डाल दिया और हाथी के बिल्कुल नजदीक चला गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले भीड़ को नियंत्रित किया। सोशल मीडिया पर हाथी का आबादी में घुसने का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वनकर्मी युवक को सावधान और हाथी से दूर रहने की हिदायत देते हुए भी सुनाई दे रहे हैं। गनीमत रही कि वक्त रहते हाथी पर लोगों की नजर पड़ गई और बड़ा हादसा टल गया।
अभी तक हरिद्वार के जगजीतपुर, मिस्सरपुर, श्यामपुर, चंडीघाट, बिलकेश्वर क्षेत्र में ही हाथियों की मूवमेंट बनी हुई थी लेकिन बताया जा रहा है कि पहले बार हाथी दुधाधारी चौक के आसपास आबादी में घुस आया। हाथियों से आबादी में चहलकदमी से मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। लोगों द्वारा लगातार वन विभाग से हाथियों की समस्या के स्थाई समाधान की मांग की जा रही है।
रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि उत्तरी हरिद्वार राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल से सटा हुआ है। जंगल से
से निकलकर ही हाथी आबादी में पहुंचा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और हाथी को फिर से जंगल में खदेड़ दिया गया था। हाथियों को आबादी में घुसने से रोकने के लिए उच्च स्तर पर कई फेंसिंग और सुरक्षा दीवार के कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। अनुमति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा।