दीपक मिश्रा
हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लोगों को साइबर क्राइम और साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस बार कुंभ मेले में अलग से एक साइबर थाना बनाया जाएगा। जिसमें आईटी और साइबर के एक्सपर्ट पुलिस कर्मियों की तैनाती होगी। कुंभ मेला प्रशासन के साथ-साथ कुंभ मेला पुलिस भी अपनी तैयारियों और रणनीति बनाने में जुटी हुई है। कुंभ मेला 2027 में लगभग 35 थाने बनाए जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। कुंभ मेला आईजी योगेंद्र सिंह रावत का कहना है कि डिजिटल युग में डिजिटल क्राइम बढ़ रहा है और साइबर क्राइम भी इसी का हिस्सा है। इसलिए अलग से साइबर थाना बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा कुंभ मेले के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती के लिए शासन से मांग की जा रही है। जल्द ये फोर्स मेले को मिल सकती है।
कुंभ की सुरक्षा में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा
वैसे कुंभ मेले में पुलिस पीएसी के साथ पैरामिलिटी फोर्स की तैनाती की जाएगी। मेला प्रशासन की ओर से सीसीआर भवन के बराबर सीसीआर 2 बनाए जाने का कार्य गतिमान है। नए भवन में चार मंजिलों का निर्माण होना है। नई बिल्डिंग अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. इसमें मेला प्रबंधन की सभी तकनीकी, सुरक्षा और कम्युनिकेशन यूनिटों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। इस बिल्डिंग की छत पर जो हेलीपैड बनाया जाएगा, उसमें हेलीकॉप्टर सीधे सीसीआर टावर की छत पर लैंड कर सकेगा। इसके अलावा अलग से कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जिसमें पूरे कुंभ मेला क्षेत्र के सीसीटीवी का कंट्रोल होगा। आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। सबसे खास बात ये है कि एआई तकनीक ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ नियंत्रण में सहायक होगा। साथ ही संदिग्ध वस्तुओं जैसे बैग या फिर मेटल की वस्तुओं की भी पहचान एआई बेस्ड कैमरों से की जा सकेगी।
इसी महीने से आनी शुरू हो जाएगी फोर्स
आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कुंभ मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार फोर्स की डिमांड भेजी गई है। इसी महीने के अंत में कुछ फोर्स हरिद्वार आएंगी। बताया कि वर्तमान में पुलिस फॉर्स चारधाम यात्रा की सुरक्षा में तैनात है। कांवड़ मेले में भी फोर्स की तैनाती रहेगी। कांवड़ मेले के बाद ज्यादातर फोर्स हरिद्वार आ जाएगी।
देहरादून और कुमाऊं के साइबर पुलिस स्टेशन की तरह काम करेगा साइबर थाना
आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार जिस तरह से देहरादून और कुमाऊं के साइबर पुलिस स्टेशन काम करते हैं ठीक उसी प्रकार से कुंभ मेले का साइबर थाना भी काम करेगा। साइबर क्राइम होने के तुरंत बाद ही रिस्पांस दिया जाएगा और यात्रियों को ठगी से बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के दौरान तो साइबर थाना काम करेगा ही बल्कि इसे स्थाई रूप से हरिद्वार में संचालित करने पर भी काम किया जाएगा। शासन अनुमति मिलेगी तो हरिद्वार में स्थाई रूप से कुंभ के बाद भी साइबर थाना काम करता रहेगा। सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसी महीने में कुंभ मेले की सुरक्षा के लिए फोर्स आनी शुरू हो जाएगी।