दीपक मिश्रा
हरिद्वार/ देश विदेश से सिक्ख एजुकेशन बेल्जियम के सदस्यों का जत्था कनखल स्थित निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे पहुंचा। जहां संत जगजीत सिंह शास्त्री ने जत्थे का स्वागत कीर्तन दरबार का आयोजन कर किया और मंगलवार को जत्था श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए रवाना हुआ। कीर्तन दरबार में जत्थे के छात्रों ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। जत्थे में कुल 84 श्रद्धालु शामिल हैं जो कि बेल्जियम, जर्मनी, म्यांमार के साथ साथ भारत के भी है।
इस अवसर पर संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि सिक्ख एजुकेशन बेल्जियम संस्था देश विदेश में सिक्ख समाज के बच्चों को मुफ्त पंजाबी भाषा, गुरबाणी और इतिहास की शिक्षा देकर सिक्ख परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, धर्म और गुरुओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। सिक्ख इतिहास का अपना अलग ही महत्व है जो सेवा और समर्पण में विश्वास रखता है। बच्चों को शुरू से ही गुरुद्वारों से जोड़ा जाए। सुखमनी साहिब, जपजी साहिब, नितनेम, शब्द कीर्तन, कथा आदि का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है।
जत्थे की अगुवाई कर रही हरप्रीत कौर ने बताया कि संस्था के 84 सदस्य पहली बार श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन करने आए हैं। पहले पांच तख्त साहिब के दर्शन किए और अब हेमकुंड साहिब जा रहे हैं।
इस अवसर पर गुरविंदर सिंह, रीता कौर, कमलप्रीत कौर, टॉमी सिंह, चरणजीत कौर, गुरबाणी कौर, जसविंदर कौर, गुरवीर सिंह, अनूप सिंह, पुनीत कौर, राजीव सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखवीर सिंह, बलविंदर सिंह, ज्ञानी पंकज सिंह, अपनिंदर कौर, सरबजीत कौर आदि उपस्थित थे।