संस्कार भारती का मातृ-पितृ पूजन दिवस, पुलवामा के शहीदों को किया याद

दीपक मिश्रा 
हरिद्वार। भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति के भावों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संस्कार भारती महानगर इकाई हरिद्वार द्वारा आज बी०एच०ई०एल० के सैक्टर-2 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव विशाल सभागार में  ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का आयोजन किया गया तथा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर, पुलवामा के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी।
माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन, डा० श्वेता शरण द्वारा संस्कार भारती के ध्येय गीत ‘साधयति संस्कार भारती’ तथा हरिद्वार महानगर इकाई के सचिव संतोष साहू के स्वागत भाषण के बाद संस्था उन आदर्श परिवारों का अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, जिनकी तीन पीढ़ियाँ आज के भोगवादी व बाजारवादी समय में भी एक साथ रहकर गुजर-बसर करके समाज में एक मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।‌ इनमें भेल मुख्यालय में सेवारत महाप्रबन्धक राकेश मानिकताला, स्ट्रिंग म्यूजिक केयर के संचालक राहुल अरोड़ा, समाजसेविका मिनि पुरी, संस्कार भारती की उत्तराखण्ड प्रांत संयोजिका ज्योति भट्ट, भागीरथ जनकल्याण सेवा समिति के आशीष शुक्ला तथा प्रमिल कुमार भटनागर के परिवार शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान अपने विचार रखते हुए हिन्दी व संस्कृत के विद्वान व वरिष्ठ शिक्षक महेश चन्द्र काला ने कहा की वास्त्तव में जितनी बड़ी योजना के साथ सीमा पार से पुलवामा में आतंकी घटना को अंजाम देकर भारत के चालीस सैनिकों‌ को शहीद किया, सीमा पर कर बालाकोट में आतंकी अड्डों को नष्ट करना ही उन शहीदों‌ को सच्ची श्रद्धांजलि थी।
संस्कारों की बात करते हुए चेतना पथ के संपादक व संस्कार भारती के संरक्षक अरुण कुमार पाठक ने कहा कि- बच्चों को संस्कारित करना माता-पिता तथा अभिभावकों की पहली जिम्मेदारी है। उन्हें लाड़-प्यार की सीमा से ऊपर उठ कर इस जिम्मेदारी को निभाते हुए स्वयं भी उनके समक्ष आदर्श संस्कारों को प्रस्तुत करना चाहिये।” सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य श्री लोकेन्द्र अंथवाल ने स्कूली बच्चों में भारतीय संस्कृति व संस्कारों के सम्प्रेषण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अनुशासन व बड़ों‌ के प्रति सम्मान भी भावना पर भी बल दिया। डाॅ० अजय पाठक ने कहा कि- “संस्कार बच्चों में डी०एन०ए० के माध्यम से पहले से ही शामिल होते हैं। हमें केवल उनको आवश्यक संरक्षण देने की आवश्यकता है। कवियित्री नीता नय्यर ‘निष्ठा’ ने तथा आशा साहनी ने अपनी काव्य रचनाओं‌ के माध्यम से पुलवामा के शहीदों‌ को श्रद्धांजलि दी।
संस्था की प्रांत मातृशक्ति संयोजिका ज्योति भट्ट ने महिला कलाकार सर्वेक्षक अभियान की प्रगति रिपोर्ट रखते हुए सभी से इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। अमित कुमार गुप्ता ‘मीत’ ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राजकुमारी राजेश्वरी द्वारा प्रस्तुत राष्ट्र गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रांत मंत्री राकेश मालवीय, रविन्द्र यादव, रविन्द्र सोनी, कमल सैनी, सुनील सैनी, श्रीजा त्रिपाठी, मनीषा चावला, रीना अवस्थी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, मातृ शक्तियाँ, अभिभावकगण, युवा वर्ग के प्रतिनिधि स्कूली बालक-बालिकाएँ तथा आदर्श संयुक्त परिवारों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

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