दीपक मिश्रा
जीवन शैली नियम के बंधन मे बंधकर नही अपितु मुक्त दिनचर्या से बेहतर संचालित करने मे ज्यादा मददगार साबित हो सकती है। जीवन मे औषधिय उपयोग बढने से स्वस्थ रहने की मानसिकता का चलन आज बढता जा रहा है। गुरूकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के दयानंद स्टेडियम मे शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के प्रशिक्षु अध्यापकों एवं खिलाडियों के लिए अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। विषय-विशेषज्ञ एवं नेशनल इन्स्टीटयूट आॅफ फार्मास्युटिकल एजूकेशन एण्ड रिसर्च, मोहाली के प्रो0 श्याम एस0 शर्मा ने प्रशिक्षु अध्यापकों को सम्बोधित करते हुये कहाॅ कि खेलों के आयोजन मे खिलाडियों की बढती संख्या के सापेक्ष एनाबाॅलिक स्टीराॅयड का उपयोग बढना खिलाडियों के प्रदर्शन को बेहतर बना रहा है। वही साईड इफेक्ट के कारण समस्याओं का बढना भी चिन्ता का विषय है। नियमित दिनचर्या तथा शारीरिक परिश्रम से साईड इफेक्ट के प्रभाव को कम करने मे मदद मिल सकती है। उन्होने खिलाडियों को प्राकृतिक जीवन यापन के लिए प्रेरित किया। अपने वक्तव्य मे शायरी …… कामयाबी के हर शिखर पर तुम्हारा नाम होगा, तुम्हारे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा, हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना, दुआ है कि वक्त एक दिन तुम्हारा मुरीद होगा…….
आधुनिक समय मे हार्ट अटैक एवं काडियक अरेस्ट के आरम्भिक लक्षणों को पहचानने की सरल विधि बी0-फास्ट जिसमे शारीरिक सन्तुलन, दृष्टि मे धुंधलापन, चेहरे की सक्रियता, हाथों का सन्तुलन, बोलने मे रूकावट, टाईम टू एक्ट आदि लक्षणों की पहचान करने से हाॅर्ट के रिस्क को समय से पहचानने तथा उपचार करने मे सहायक है। उन्होने छात्रों को अपनी नियमित जाॅच कराते हुये लीवर, लिपिड तथा किडनी प्रोफाईल के लिए एक बोर्डर लाईन निश्चित करने की सलाह दी। कार्यक्रम के आरम्भ से पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो0 सत्येन्द्र राजपूत ने प्रो0 श्याम एस0 शर्मा की आकदमिक उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। प्रभारी डाॅ0 अजय मलिक ने कार्यक्रम का संचालन करते हुये छात्रों के लिए व्याख्यान को शिक्षाप्रद बताया। एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ0 शिवकुमार चैहान ने कहाॅ कि औषधीय उपयोग से स्वास्थ्य समस्याओं मे स्थिरता के स्थान पर अस्थिरता का बढना चिन्ता का विषय है। जिसका समाधान आयुर्वेद एवं परम्परागत चिकित्सा प्रणाली के उपयोग को बढावा देने से कम किया जा सकता है। उन्होने संकायाध्यक्ष प्रो0 सतेन्द्र राजपूत द्वारा प्रकाशित आत्म-कथा मड से माॅलिक्यूल तक के लिए बधाई एवं शुभकामनाए प्रेषित की। इस अवसर पर डी0आई0क्यू0ए0सी0 के संयोजक डाॅ0 कपिल मिश्रा, डाॅ0 अनुज कुमार, डाॅ0 प्रणवीर सिंह, डाॅ0 सुनील कुमार, कुलदीप रतूडी, अश्वनी कुमार, दुष्यन्त राणा, सुरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, कुलदीप शोधार्थी रविन्द्र कुमार, दिवाकर सहित बी0पी0एड0 तथा एम0पी0एड0 के छात्र उपस्थित रहे।