दीपक मिश्रा
गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय हरिद्वार मे संचालित आर्यवीर एवं आर्या वीरांगना दल प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन प्रातः कालीन सत्र मे यज्ञ के माध्यम से आरम्भ हुआ। यज्ञ की व्यवस्था का संचालन डॉ0 भारत वेदालंकार ने कहा कि यज्ञ मन की भावनाओं को पवित्र एवं आचरण की शुद्धता से नैतिक मूल्यों के संवर्धन का काम करता है। भौतिकवादी युग में यज्ञ किसी औषधि से कम नहीं है। बौद्धिक सत्र का संयोजन करते हुए डॉ0 संदीप वेदालंकार ने कहा कि आर्य विद्वानों के मार्गदर्शन मे तैयार होने वाले ब्रह्मचारी देश की संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के संरक्षण मे मुख्य वाहक बनते है। आर्या वीरांगना के बौद्धिक सत्र का संयोजन डॉ0 दीपिका के निर्देशन मे सम्पन्न हुआ। शारीरिक प्रशिक्षण मे शिविरार्थियों ने मार्चपास्ट, दंड संचालन, डम्बल संचालन एवं आत्मरक्षा से जुड़ी कलाओं का प्रदर्शन किया। विशेष कुशलता प्रशिक्षण में एन0डी0आर0एफ0 टीम ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी घटनाओं के प्रभाव तथा बचाव पर ड्रिल के माध्यम से गुण सीखाये। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के मार्गदर्शन मे एन0डी0आर0एफ0 टीम के सदस्यों सब-इंस्पेक्टर रविन्द्र, तनवीर, पुष्कर तथा महिला प्रतिनिधि के रूप मे सीता ने मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम मे संदीप वेदालंकार, डॉ0 अंकित कुमार, डॉ0 मनोज कुमार, डॉ0 गगन माटा, डॉ0 कपिल मिश्रा, डॉ0 मयंक पोखरियाल ने शिविर की गतिविधियों का संचालन किया।
कार्यक्रम मे जनसम्पर्क अधिकारी डॉ0 शिवकुमार चौहान, डॉ0 प्रणवीर सिंह, डॉ0 अनुज कुमार, डॉ0 संजील कुमार, डॉ देवेन्द्र सिंह, डॉ पंकज पाल, हेमंत सिंह नेगी, कुलभूषण शर्मा, विकास कुमार, नीरज भट्ट, नीरज बिरला, विकास कुमार, वीरेन्द्र पटवाल, रुपेश पन्त, ओमेन्द्र, धर्मेन्द्र बिष्ट, महेश जोशी, किशन कुमार, संजय शर्मा, सुधाकर नेगी, कुलदीप कुमार, राजेन्द्र सिंह, राधेश्याम, चमेल सिंह आदि उपस्थित रहे।