दीपक मिश्रा
हरिद्वार/ धर्मनगरी के समस्त गुरुद्वारों में सावन महीने की संक्रांत और भाई तारु सिंह का शहीदी दिवस मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में संगत ने गुरुद्वारे पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेका। स्थानीय संगत ने शब्द कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
निर्मल विरक्त कुटिया ऐतिहासिक गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा पंडत ने कहा कि सभी को गुरु घर पहुंचकर नाम सिमरन कर सेवा करनी चाहिए। गुरुद्वारा ज्ञान गोदडी गुरुद्वारे के लिए अरदास करें जिससे जल्द से जल्द शासन प्रशासन मूल स्थान सिक्ख समाज को सौंपे।
निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में हरजीत कौर, सरबजीत कौर, जसप्रीत कौर, सीरत कौर, पूजा, ज्ञानी पंकज सिंह ने शब्द कीर्तन सुनाया। संत जगजीत सिंह शास्त्री ने सावन महीने की संक्रांत और शहीद भाई तारु सिंह की जीवनी का वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि भाई तारु सिंह की शहादत से सिक्ख समाज के युवाओं को बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है। 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने शहीदों में अपना नाम दर्ज करवाया। उन्होंने प्रभु का सिमरन आखिरी पल तक नहीं छोड़ा। उनके जैसी शहादत कोई नहीं दे सकता।
इस अवसर पर अपनिंदर कौर, कुलदीप सिंह, सुखदेव सिंह, गुरजंट सिंह, रौनक सिंह, रमणीक सिंह, प्रीतम सिंह, मनप्रीत सिंह, हरजोत सिंह, सिमरनजीत सिंह, रणजीत सिंह, लाहौरी सिंह, सतपाल सिंह चौहान, मालक सिंह, हरविंदर सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह आदि उपस्थित रहे।