दीपक मिश्रा
आज जिला महानगर कांग्रेस कमेटी, हरिद्वार द्वारा हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की रैली के बाद रैली स्थल पर किए गए कथित “शुद्धिकरण” के विरोध में ज्वालापुर स्थित अंबेडकर चौक से रविदास चौक तक विशाल मार्च निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटना को सामाजिक समानता, दलित सम्मान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक मूल्यों पर चोट बताते हुए भाजपा की मानसिकता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद “शुद्धिकरण” जैसी कार्रवाई यदि किसी व्यक्ति की जातिगत पहचान को अपमानित करने की मानसिकता से की जाती है, तो यह केवल एक नेता का नहीं बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक के स्वाभिमान का अपमान है।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने भाजपा से जुड़े लोगों की उस संकीर्ण सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे वे राजनीतिक नारों और दिखावटी सामाजिक समरसता के पीछे छिपाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी के किसी मैदान में जनसभा करने के बाद उस स्थान को “शुद्ध” करने की आवश्यकता आखिर क्यों महसूस हुई? भाजपा और उससे जुड़े लोगों को उत्तर देना चाहिए कि आखिर वहां ऐसा क्या “अशुद्ध” हो गया था? यदि यह केवल राजनीतिक विरोध था तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा सकता था, लेकिन “शुद्धिकरण” जैसे शब्द और कर्म भारतीय समाज के उस काले दौर की याद दिलाते हैं, जिसके खिलाफ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और देश के महान समाज सुधारकों ने जीवनभर संघर्ष किया।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुरली मनोहर और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय पालीवाल ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे जी केवल कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हैं, बल्कि दशकों के सार्वजनिक जीवन और संघर्ष से देश की राजनीति में अपना स्थान बनाने वाले वरिष्ठ नेता हैं, उनके कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना को सामान्य राजनीतिक विरोध कहकर नहीं टाला जा सकता।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान और एससी एसटी जिला अध्यक्ष तीर्थ पाल रवि ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या एक दलित नेता के मंच पर आने से वह मंच अशुद्ध हो जाता है? अगर भाजपा और उससे जुड़े लोगों की यही सोच है तो उन्हें मंच का नहीं, अपनी जातिवादी और छुआछूत वाली मानसिकता का शुद्धिकरण करने की आवश्यकता है,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता वरुण बालियान और महेश प्रताप राणा ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान ने इस देश में प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार दिया है और कांग्रेस पार्टी किसी भी व्यक्ति या समाज के स्वाभिमान पर चोट को बर्दाश्त नहीं करेगी।”
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रदीप चौधरी और प्रदेश कांग्रेस महासचिव अनिल भास्कर ने कहा कि एक तरफ भाजपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों पर माल्यार्पण करती है, संविधान की बातें करती है और दलित समाज के बीच जाकर सामाजिक समरसता का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ ऐसी घटनाएं भाजपा की कथनी और करनी के बीच के अंतर पर सवाल खड़े करती हैं,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व सभासद अशोक शर्मा और प्रदेश कांग्रेस महासचिव मकबूल कुरेशी ने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनकी तस्वीर के सामने फूल चढ़ाना नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिए गए समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को अपने आचरण में उतारना है। यदि किसी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण अपमानित करने वाली मानसिकता आज भी समाज में मौजूद है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक लोकतांत्रिक नागरिक का कर्तव्य है।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्षद प्रतिनिधि पुनीत कुमार और पार्षद सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास सामाजिक न्याय, समानता और देश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान की लड़ाई से जुड़ा रहा है, कांग्रेस भाजपा को यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि राजनीतिक लड़ाई विचारों, नीतियों और जनता के मुद्दों पर लड़ी जाए। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्षद प्रतिनिधि शहाबुद्दीन अंसारी और पार्षद प्रतिनिधि अकरम अंसारी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और विकास के प्रश्नों पर कांग्रेस से मुकाबला कीजिए, लेकिन जाति और सामाजिक पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली राजनीति को उत्तराखंड की धरती पर स्वीकार नहीं किया जाएगा,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस सचिव रविश भटीजा और एससी एसटी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद चंचल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति प्रेम, भाईचारे और समानता की रही है और इस भूमि को जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत जैसी सोच की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्षद प्रतिनिधि ऋषभ वशिष्ठ और संजय सैनी ने कहा कि अंबेडकर चौक से रविदास चौक तक निकाला गया यह मार्च केवल एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और स्वाभिमान के पक्ष में संदेश है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, उसमें किसी इंसान को जन्म या जाति के आधार पर ऊंचा-नीचा मानने की कोई जगह नहीं है,
विरोध मार्च में मुख्य रूप से चौधरी बलजीत सिंह, ममता सिंह,रणधीर सिंह, दिनेश दुबे, मनोज जाटव, पूरन सिंह सुखलाल, नरेंद्र सेठ,राजेश छाछर,अशोक कुमार डिगान, सीपी सिंह, प्रकाश चंद, नरेंद्र शेट्टी,शादाब खान, अज्जू खान, सतेंद्र वर्मा, अरूण चौहान आदि कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
अमन गर्ग
अध्यक्ष, जिला महानगर कांग्रेस कमेटी, हरिद्वार