दीपक मिश्रा
प्रदेश भर के कर्मचारियों ने प्रथम चरण के दूसरे दिन भी काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन किया साथ ही कहा कि अगर महानिदेशक , चिकित्सा स्वास्थ्य, और कुलपति आयुर्वेद विश्विद्यालय ने संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र होगा उसका संपूर्ण उत्तरदायित्व आपका होगा।
कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर आक्रोशित हो रहे हैं लगभग 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी पदोन्नति होने के आसार नहीं लग रहे हैं महानिदेशक महोदया बार बार कुछ न कुछ अड़ंगा किसी के दबाव में आकर लगा रही है जो कि न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है इस संबंध में एक पत्र लिखकर महानिदेशक महोदया को भेजा गया है जिसकी प्रति माननीय मुख्यमंत्री, माननीय स्वास्थ्य मंत्री, श्रीमान सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य को कर न्याय करने का अनुरोध किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा महामंत्री सुनील अधिकारी, जिलाध्यक्ष देहरादून नवीन नवानी, जिलाध्यक्ष पिथौरागढ़ ललित शाह, जिला अध्यक्ष उत्तरकाशी महेंद्र पड़ियार, जिलाध्यक्ष नैनीताल गौरी शंकर, जिलाध्यक्ष भोपाल शाह ने कहा कि अगर जल्द ही पदोन्नति कनिष्ठ सहायक, डार्क रूम सहायक, ओ टी सहायक, लेब सहायक के पदों पर जिन पदों पर पूर्व से कार्य कर रहे हैं तो संगठन आंदोलन को और उग्र करेगा, अगर कर्मचारियों को सड़को पर उतरना पड़ा तो उतरेंगे सबसे छोटे संवर्ग के संगठन का माननीय मुख्यमंत्री जी माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी से अनुरोध है कि वो इस संबंध में कर्मचारियों के साथ न्याय करेंगे। साथ ही जो कर्मचारी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट से कम पढ़े लिखे हैं उनको पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाना न्यायोचित होगा और कर्मचारियों का धुलाई भत्ता 500 रुपए किया जाना भी न्यायोचित होगा।
प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर जिला मंत्री राकेश भंवर उप शाखा मंत्री ऋषिकुल अजय कुमार उप शाखा अध्यक्ष गुरुकुल ताजबर सिंह ने कहा किआयुर्वेद विश्विद्यालय के कर्मचारियों को कई वर्षों से पदोन्नति नहीं दी गई है, वर्दी भत्ता,धुलाई भत्ता, पौष्टिक आहार भत्ता, और कर्मचारियों की मांग माननीय आयुष आयुष शिक्षा मंत्री जी से की गई थी कि विश्वविद्यालय हर्रावाला से ऋषिकुल गुरुकुल राजकीय आयुर्वेदिक कालेज चिकित्सालय हरिद्वार को अलग कर पूर्व की भांति राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय कर दिया जाए जिससे चिकित्सालय में पूर्व की भांति राज्य से वेतन, पेंशन, और चिकित्सालयों में दवा, इत्यादि की व्यवस्था हो जाए जिससे रोगियों की सेवा कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से कर सकें।
काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन करने वालों में सर्व श्री दिनेश लखेडा, छत्रपाल सिंह, राजेन्द्र तेश्वर, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, अजय कुमार, नितिन कुमार, सुरेंद्र सिंह, ललित शाह, महेंद्र पड़ियार, भोपाल शाह, नवीन नवानी, जीवन सिंह, सुमंत पाल, प्रबल सिंह, ज्योति नेगी, अमित कुमार, सतीश, कमल, प्रवीण पुरोहित, उदयभान विनोद, राकेश कुमार, बृजेश डोली , केलाशो, त्रिलोक सिंह इत्यादि पूरे प्रदेश के समस्त कर्मचारियों ने अपनी मांगो के प्रति विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश जताया है जो कभी भी उग्र रूप ले सकता है।