दीपक मिश्रा
हरिद्वार, 30 जनवरी। यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के फैसला का स्वागत करते हुए श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के संयोजन में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मालवीय घाट पर मां गंगा की पूजा अर्चना और दुग्धाभिषेक कर आभार जताया और सरकार की बुद्धि शुद्धि की कामना की। इस दौरान श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति गिरी समेत ब्राह्मण समाज के कई लोग मौजूद रहे। सभी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए यूजीसी को काला कानून बताया और इसे लागू करने वाली कमेटी के सदस्यों के पिंडदान की चेतावनी दी और खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति से यूजीसी के नए नियमों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति गिरी ने कहा कि यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज के नेताओं का एक भी बयान न आना निंदनीय है। सरकार ने तो इस पर कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया और काले कानून पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि देश में जिस समय सभी समाज एकजुट हो रहे हैं, उस समय ऐसा कानून लाकर लोगों को बांटने का कार्य किया जा रहा है। जिसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसा कानून लाया गया, तो स्वर्ण समाज के लोग इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि यूजीसी के खिलाफ पूरे भारत में विरोध में आवाज उठी। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है, वह स्वागत योग्य है। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि जो काला कानून जबरदस्ती सवर्ण समाज के लोगों पर थोपा जा रहा है। उसे पूर्णतया समाप्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो आने वाले समय में उग्र विरोध किया जाएगा। कोर्ट ने तो इस पर रोक लगा दी है, उस फैसले का स्वागत है। लेकिन जब तक सरकार इसे खुद वापस नहीं लेती, तब तक विरोध का सिलसिला चलता रहेगा। कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यूजीसी को लाकर सरकार ने स्वर्ण समाज पर जो कुठाराघात किया है, उसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभी सांकेतिक विरोध किया जा रहा है। यदि आगे इस कानून को लागू किया गया तो स्वर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा। अपने बच्चों के भविष्य को इस काले कानून का शिकार नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ब्राह्मण समाज ही नहीं बल्कि अन्य समाज पर भी नए-नए कानून थोपने का कार्य कर रही है। यदि यह काला कानून फिर से थोपा गया तो ब्राह्मण समाज हरिद्वार में यूजीसी कमेटी के सदस्यों का पिंडदान करेगा। इस दौरान पंडित प्रवीण गौतम, वेद पुत्र महाराज, पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, ऋषि शर्मा, बालकृष्ण शास्त्री, नाथीराम, अशोक पांडे, पुष्कर अरोड़ा, विक्रम नाचीज, चंद्रमणि राय, कुलदीप चौहान, सचिन चमोली, पदम प्रकाश शर्मा, यशपाल शर्मा, बृजमोहन शर्मा, पंडित सचिन उनियाल, आदेश मारवाड़ी आदि शामिल रहे।