दीपक मिश्रा
हरिद्वार। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा संचालित ‘हर माह प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम’ अभियान के अन्तर्गत देश के विभिन्न प्रान्तों में आज 38 वें रविवार को भी ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, स्मारकों, शहीद स्थलों, स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही आजादी के दीवानों की जीवन गाथाएँ सुनाई गईं।
इसी क्रम में अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क (ज्वालापुर) में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया। शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर विद्यालंकार के साथ जितेन्द्र रघुवंशी तथा शशि शर्मा द्वारा माल्यार्पण किया गया एवं सभी उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी व शहीद परिवारों और गणमान्य नागरिकों द्वारा पुष्पांजलि समर्पित की गईं।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर श्री विजयपुरम (अंडमान निकोबार) में आयोजित पराक्रम दिवस में शामिल होकर वापस लौटे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के सम्मान, उनके सपनों का भारत बनाने तथा उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्षरत स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को कालापानी की सजा दिए जाने के वाद पोर्ट ब्लेयर (वर्तमान श्री विजयपुरम) अंडमान निकोबार की सेलुलर जेल में दी गई सजा के विभिन्न तरीकों का सजीव उल्लेख करते हुए बताया कि- “आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके लिए भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिस तरह की यातनाएँ सेलुलर जेल में दी जाती थीं, उसे देखकर हृदय विदीर्ण हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार से अनुरोध करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से की गई घोषणा ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे’ को 2047 तक यदि धरातल पर उतारने के लिये, विधायिका के चुनिंदा जन प्रतिनिधियों, कार्यपालिका के समस्त अधिकारियों, न्यायपालिका के समस्त न्यायाधीशों तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सभी पत्रकारों को एक बार सेलुलर जेल देखने के लिए करें, ताकि स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों के प्रति जो उपेक्षा प्रदर्शित की जा रही है, उनके अन्दर सम्मान का भाव पैदा किया जा सके। वह समझ सकें कि जिन्होंने देश को आजाद कराया और अपने माता-पिता की अनुपस्थिति में उनकी सन्तानों ने किस तरह की पीड़ा झेली होगी। इसकी अनुभूति करके स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के प्रति अपना दृष्टिकोण बदल सकें।” बताया कि “श्री विजय पुरम में जो दिखा, उससे हमारा संकल्प और भी अधिक दृढ़ हुआ है और अब जब तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों को वह सम्मान नहीं मिल जाता, जिसके वे सच्चे अर्थों में अधिकारी हैं और उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए सरकारों द्वारा सार्थक कदम नहीं उठाया जाता है, हम निरन्तर संघर्ष करते रहेंगे।”
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री नन्दलाल धींगरा की पुत्री पत्रकार शशि शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा देशभर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद परिवारों को एक सूत्र में पिरोने के अभियान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि, “मुझे एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुत्री होने पर गौरव की अनुभूति हो रही है। हम आज जिस स्थिति में हैं, वह बाबूजी के आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। हमें संगठित होकर अपने पूर्वजों के सम्मान के लिए संघर्ष करना चाहिए।”
चेतना पथ के सम्पादक और साहित्यकार अरुण पाठक ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, “संगठन द्वारा देशभर में जो देशभक्ति की धारा प्रवाहित की जा रही है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है, किन्तु हमें सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि प्रत्येक जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, गुमनाम शहीदों के जीवन परिचय को प्रकाशित करे और माध्यमिक विद्यालय तक के पाठ्यक्रम में उसे शामिल करे, ताकि विद्यार्थी देश की आजादी में उनकी देशभक्ति के इतिहास से अवगत हो सकें।”
कार्यक्रम के अन्त में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की दिवंगत हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री बलवंत सिंह के पुत्र सुभाष घई, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री दिनेश शर्मा की पुत्री रश्मि शर्मा तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री रघुनाथ सैनी की पुत्रवधु लीलावती जी की महान आत्माओं की निर्विघ्न विकास यात्रा के लिए 2 मिनट मौन रखकर सामूहिक प्रार्थना की गई।
इस देशभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम में कैलाश वैष्णव, ललित कुमार चौहान, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, शिवेंद्र गहलोत, परमेश चौधरी, सुभाष धींगरा, बाल किशन शर्मा, शीश राम सिंह, कमल छाबड़ा, सिद्धार्थ सिंह, जोगिंद्र तनेजा, डॉ. वेद प्रकाश आर्य, राहुल कौशिक, सुनील कुमार चौहान, नरेन्द्र कुमार वर्मा, अशोक कुमार दिवाकर, अशोक चौहान, कर्ण सिंह राण, श्रीमती मनीषा चौहान, मधुबाला सिंह तथा पद्मा देवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।