उत्तराखंड में आयुष सेवाओं के विस्तार को लेकर मंत्री मदन कौशिक सख्त, जमीनी क्रियान्वयन पर दिया जोर

दीपक मिश्रा 

देहरादून। आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि राज्य में आयुष सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर तक योग, वेलनेस एवं पंचकर्म सुविधाओं के विस्तार हेतु ठोस एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से संबंधित लंबित समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए मंत्री ने उनके त्वरित समाधान पर बल दिया। उन्होंने महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति को सक्रिय करते हुए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयुर्वेद को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर राज्य को आयुष आधारित प्रमुख वेलनेस गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए विभाग को परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली अपनानी होगी तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने विभागीय रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए अधियाचन भेजने तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी, अपर सचिव/निदेशक डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. नौटियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:
– जमीनी स्तर तक आयुष सेवाओं के प्रभावी विस्तार पर जोर
– योग, वेलनेस एवं पंचकर्म सुविधाओं को ब्लॉक स्तर तक ले जाने की योजना
– आयुर्वेद को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने की पहल
– विश्वविद्यालय संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
– रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति एवं सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल

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