सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथी पर कन्या पूजन किया।

दीपक मिश्रा 

 

**डा. नरेश बंसल ने रामनवमी के पर्व पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।कहा प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है।**

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथी पर देहरादून स्थित आवास मे सपरिवार कन्या पूजन के दौरान मां दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे और विधि-विधान से उनका पूजन किया।डा. नरेश बंसल ने कन्याओ को तिलक कर मौली बांधी व पूजन किया।डा. नरेश बंसल ने कन्याओं को मंदिर में बना ताजा भोजन परोसा और दक्षिणा व उपहार प्रदान किए। डा. नरेश बंसल के इस स्नेह और सत्कार से बच्चों में खासा उत्साह दिखा। डा. नरेश बंसल मातृ शक्ति के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा और उन्हें समाज मे शक्ति स्वरूप में प्रतिष्ठित करने की पहल को एक बार फिर मजबूत करते दिखे।

डा. नरेश बंसल ने रामनवमी के पर्व पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।डा. नरेश बंसल ने कहा कि रामनवमी भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव है।भगवान श्रीराम का चरित्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत करता है। उनका जीवन चरित्र आदर्श जीवन के साथ ही आचरण की शुद्धता के लिए प्रेरित करता है। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भगवान श्रीराम का जीवन हम सभी को त्याग, मर्यादाओं के पालन और कर्तव्य परायणता की सीख देता है। उनके महान चरित्र की उच्च वृत्तियां जन मानस को शांति और आनन्द प्रदान करती हैं। उनके चरित्र में पग-पग पर मर्यादा, त्याग, प्रेम और लोक व्यवहार के दर्शन होते हैं।रामनवमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के जन्म को श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाने के साथ ही, हमें इस तथ्य का भी बोध होना चाहिए कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि भारतीय मनीषा ने प्राचीनकाल से ही ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:’ अर्थात जहां नारी की पूजा की जाती है, उसका सम्मान किया जाता है वहां दैवीय शक्तियों का वास होता है की मान्यता और इसके भाव को अंगीकार किया है। नवरात्र में जगतजननी भगवती मां दुर्गा के पावन नौ स्वरूपों की आराधना सनातन धर्म की उदात्त और पवित्र परंपरा का महत्वपूर्ण अवसर है। यह आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की नई प्रेरणा देने का भी माध्यम है।

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