विश्व आयुर्वेद कांग्रेस की सार-संक्षेपिका एवं विद्यार्थी विज्ञान मंथन पोस्टर का लोकार्पण

दीपक मिश्रा 
देहरादून, 11 अगस्त 2025 — भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं प्रसार तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत विश्व आयुर्वेद कांग्रेस की सार- संक्षेपिका एवं विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) पोस्टर का आज लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम होटल हयात सेंट्रिक, देहरादून में आयोजित हुआ, जिसमें उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं माननीय राज्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डा॰ धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री प्रवीण रामदास, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री श्री आशुतोष कुमार, विज्ञान भारती के राज्य इकाई के अध्यक्ष प्रो॰ के डी पुरोहित, सचिव प्रो. हेमवती नंदन सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं शिक्षाविदों ने शिरकत की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “आयुर्वेद केवल एक चिकित्सीय पद्धति नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन विज्ञान है, जिसने सदियों से भारतीय समाज का मार्गदर्शन किया है।” उन्होंने विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद के समावेश पर बल दिया। उन्होंने राज्य के विद्यार्थियों से विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, जिससे वे “पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संगम” सीख सकें।
राज्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री धन सिंह रावत ने कहा कि आयुर्वेद का शाश्वत ज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने विज्ञान भारती और विश्व आयुर्वेद कांग्रेस टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में रचनात्मक एवं आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार ने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन के माध्यम से देशभर में छात्रों में जिज्ञासा, शोध कौशल और भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के प्रति गर्व की भावना विकसित की जा रही है।
राज्य सचिव प्रो. हेमवती नंदन ने उत्तराखण्ड के शैक्षणिक संस्थानों की विज्ञान शिक्षा एवं आयुर्वेद अनुसंधान में भूमिका पर प्रकाश डाला और भविष्य में और अधिक संयुक्त पहल करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में विश्व आयुर्वेद कांग्रेस की कार्यवाही का औपचारिक विमोचन किया गया, जिसमें वैश्विक सम्मेलन की शोध उपलब्धियां, चर्चाएं और नीतिगत सुझाव शामिल हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2025 का पोस्टर भी जारी किया गया, जिसके माध्यम से आगामी महीनों में राज्यभर के छात्रों को इस राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा खोज कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। परीक्षा के राज्य समन्वयक डा॰ लोकेश कुमार जोशी ने ने बताया की विद्यार्थी विज्ञान मंथन देश की एक अनूठी प्रतियोगिता है जिसमे बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान के प्रयोग और देश के मुख्य बड़े वैज्ञानिक संस्थान जैसे आई आई टी, सी एस आई आर, एन आई टी, इसरो, डी आर डी ओ आदि में भ्रमण करने का मौका मिलता है। उन्होंने परीक्षा के वैज्ञानिक महत्व पर चर्चा की और प्राचीन से लेके नवीन नवाचारों के बिंदुओं पर विवेचना प्रस्तुत की ताकि बच्चे हमारे देश के वैज्ञानिकों के योगदान के बारे में जान सकें और भविष्य में उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर एक उत्कृष्ठ वैज्ञानिक बनें।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, आयुर्वेद विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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