दीपक मिश्रा
भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल के आज सदन मे जल प्रदूूषण से संबंधित प्रश्न के पूरक प्रश्न मे माननीय जल शक्ति मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि जल संचयन की दिशा में क्या प्रगति है, क्या सरकार इस पर कोई अभियान चलाने का इरादा रखती है व नदी व जल स्रोतों में हो रहे प्रदूषण के प्रभावी रोक हेतु क्या कदम उठाये हैं और नमामि गंगे मिशन के तहत कितना काम हुआ है और कितना बाकी है।
इसके जवाब मे श्री राज भूषण चैधरी जी, जल शक्ति राज्य मंत्री ने सदन मे बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत 2 करोड से ज्यादा रिचार्ज सैक्टर बनाये गये हैं और जल संचयन-जन भागीदारी के तहत लगभग 40 लाख से ज्यादा वाटर स्ट्रक्चर बनाये गये हैं। जहां तक और ये सब जन भागीदारी के द्वारा हुआ है।
मंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक स्लोगन दिया है जल संचय-जन भागीदारी के द्वारा। जन भागीदारी द्वारा लोगों ने स्वतः आगे बढ़कर के बहुत सारे लोगों ने एक स्लोगन दिया कर्म क्षेत्र की ओर से मातृभूमि की तरफ तो लागों ने स्वतः आकर के अपने-अपने मातृभमि की तरफ जाकर के वाटर स्ट्रक्चर को रिज्यूबनेट करने का काम किया, नये स्ट्रक्चर बनाने का काम किया।
मंत्री जी ने कहा कि जहां तक नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगा की सफाई हेतु अब तक एसटीपी के कुल 218 परियोजनायें लागत लगभग 35,698 करोड़ रूपये की शुरू की गयी है। जिनके माध्यम से लगभग 6,610 एमएलडी क्षमता के एसटीपी प्लांट निर्माण या पुनर्वास तथा 5,238 किमी लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाने का कार्य किया गया है। जिनमें से 138 परियोजनायें क्षमता लगभग 3977 एमएलडी पूर्ण की जा चुकी है तथा 4571 किमी0 लम्बा सीवरेज नेटवर्क भी पूरा किया जा चुका है।