दीपक मिश्रा
हरिद्वार-3 फरवरी 2026 खेलो से चरित्र निर्माण एवं स्वस्थ्य जीवन की संकल्पना विषय पर आयोजित कार्यशाला मे गुरुकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के विषय प्रवर्तक मे बोलते हुये कहाॅ कि खेल से जुडा व्यक्ति चारित्रिक निर्बलता एवं अस्वस्थ्ता से ग्रसित नही हो सकता। अभ्युदय सामाजिक संस्था द्वारा सहारनपुर मे आयोजित कार्यशाला मे खेलो इण्डिया की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मे एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ0 शिवकुमार चैहान ने आॅन-लाईन माध्यम से से सम्बोधित करते हुये कहाॅ कि खेल मे बेहतर बनने की दिशा मे प्रतिदिन किया जाने वाला श्रम खिलाडी मे परस्पर सहयोग तथा मदद को बढाता है। यह सामाजिक समरसता के साथ खिलाडी के खेल मे भी मददगार सिद्व होता है। ऐसा व्यक्ति सम तथा विषम दोनो परिस्थितियों मे सन्तुलित तथा द्वेष तथा द्वन्द जैसी मानसिक विकृतियों के प्रभाव से बचा रहता है। उन्होने सभी को अपने जीवन मे एक खेल को अपनाने पर जोर दिया है। उन्होने खेल के मैदान को चरित्र निर्माण की कार्यशाला बताया जहाॅ युवाओं में अनुशासनए एकता और समर्पण की भावना जगाकर देश को सशक्त बनाता है। खेल जातिए धर्म और क्षेत्रीय विभाजनों को मिटाकरए देशवासियों को एक सूत्र में पिरोते हैं। खेल आयोजनों में युवा ऊर्जा और उत्साह राष्ट्र की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। खेल इस अवसर पर खेल विशेषज्ञ, कोच, खिलाडी एवं शारीरिक शिक्षा जगत के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद्व प्रो0 आर0के0 सिंह तथा संचालन डाॅ0 कल्पना सिंह ने किया। अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव प्रो0 वी0के0 सिंह ने किया।