भारतीय वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता में शारीरिक सौष्ठव के साथ अनुशासन जीवन का अभिन्न है।

दीपक मिश्रा 

भारतीय वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता में शारीरिक सौष्ठव के साथ अनुशासन जीवन का अभिन्न है। आधुनिक युग में इस कला में विद्यार्थियों को निपुण एवं दक्ष बनाए जाने के लिए गुरुकुल कांगड़ी समविष्वविद्यालय में आर्यवीर दल/आर्य वीरांगना दल षिविर का आयोजन 07 जुलाई से 13 जुलाई तक किया जा रहा है। समविश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 प्रतिभा मेहता लूथरा की अध्यक्षता में समविश्वविद्यालय अतिथि गृह सभागार में सम्पन्न हुई बैठक में आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी । बैठक में आयोजित किए जाने वाले शिविर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से वैदिक विद्वान कृपाल सिंह आर्य व बृहस्पति आर्य ने शिविर में प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की । बैठक का संचालन समविश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 सत्यदेव निगमालंकार ने किया।
इस अवसर पर कृपाल सिंह आर्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, आत्मबल एवं वर्तमान परिवेश में अपनी गौरवशाली वैदिक शिक्षा प्रणाली को दृढ़ता से विद्यार्थियों को आत्मसात करने का अवसर उपलब्ध कराते हैं।
बैठक में वित्ताधिकारी प्रो0 वी0के0 सिंह, प्रो0 राकेश जैन, प्रो0 नवनीत, प्रो0 एल0पी0 पुरोहित, प्रो0 कर्मजीत भाटिया, प्रो0 मुकेश कुमार, प्रो0 सत्येंद्र राजपूत, प्रो0 नमिता जोशी, प्रो0 सुरेखा राणा, प्रो0 मुदिता अग्निहोत्री, प्रो0 अंजली गोयल, डा0 संदीप, डा0 राकेश भूटियानी, डा0 अजय मलिक, डा0 मयंक पोखरियाल, अमित धीमान, रंजीत सिंह, धर्मवीर, मनप्रीत डा0 अंकित, कुलभूषण शर्मा, कुलदीप कुमार, रूपेश पन्त आदि उपस्थित रहे।

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