दीपक मिश्रा
हरिद्वार, 26 अगस्त। साइबर क्राइम हॉटस्पॉट अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने बिहार के जामताड़ा की तर्ज पर संचालित मगध साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन बिहार और दो हरिद्वार के रहने वाले हैं। नेटवर्क बिहार के नालंदा और नवादा से हरिद्वार तक फैला हुआ है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैकों के 35 एटीएम कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, पैन कार्ड, 37,500 रूपए की नकदी बरामद हुई है। पुलिस की शुरूआती जांच में 2.75 करोड़ के संदिग्ध डिजिटल लेनदेन का खुलासा हुआ है। इसके अलावा आरोपियों की वाट्सअप चैट से दर्जनों बैंक खातों, क्यूआर कोड एवं लेनदेन के महत्वपूर्ण सुराग भी पुलिस को मिले हैं। मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान जानकारी देते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर सज्जनपुर पीली क्षेत्र में रसियाबड़ सिंगल प्वाइंट के पास चेकिंग अभियान चलाते हुए पुलिस टीम ने चिड़ियापुर की तरफ से आ रही स्विफ्ट कार को रोककर तलाशी ली तो एक बैंग में बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं नगदी बरामद हुई। संदिग्ध डिजिटल सामग्री बरामद होने पर पुलिस ने कार में सवार युवकों कृष्णा पाण्डे निवासी नालंदा बिहार, निरंजन कुमार नवादा बिहार, सन्नी निवासी हरिद्वार चन्द्रमणि कुमार निवासी नवादा, बिहार व चन्दन पाण्डे निवासी हरिद्वार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो बिहार के मगध से संचालित हो रहे बड़े साइबर क्राइम गैंग का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, एटीम कार्ड एवं सिम लेकर खातों का एटीएम पिन एवं यूपीआई आईडी तैयार कर उसका एक्सेस अपने पास रख लेते थे। साइबर फ्रॉड की रकम खाते में आने के बाद उसे म्यूल अकाउंट से यूपीआई के जरिए दूसरे खातें में ट्रांसफर कर एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांट लेते थे। आरोपियों से पूछताछ में बिहार से जुड़े अन्य व्यक्तियों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने एवं साइबर फ्रॉड की रकम के संबंध में सूचना देने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस टीम पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।