दीपक मिश्रा
प्रकृति मे उल्लास, उमंग एवं उत्साह से सराबोर वातावरण का मनुष्य द्वारा ज्ञापित सम्मान एवं आभार ही हिन्दु नववर्ष की मजबूत परम्परा का द्योतक है। गुरुकुल कांगडी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार के योग एवं शारीरिक शिक्षा संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग मे चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिन्दु नववर्ष तथा आर्य समाज स्थापना दिवस के उपलक्ष्य मे आयोजित ’प्रकृति के प्रति सम्मान एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन पर परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ संकायाध्यक्ष प्रो0 सुरेन्द्र कुमार त्यागी एवं प्रभारी, शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग डॉ0 शिवकुमार चौहान द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम मे उपस्थित छात्रों को सम्बोधित करते हुये प्रो0 सुरेन्द्र कुमार त्यागी ने कहॉ कि जीवन मे उल्लास एवं उमंग का संचार केवल प्रकृति के समीप एवं सानिध्य मे रहकर अनुभव किया जा सकता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष प्रकृति के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान ज्ञापित करने अवसर है। वही आर्य समाज बुराईयों को छोडने तथा जीवन मूल्यों के प्रसार की प्रेरणा देता है। प्रभारी, शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग डॉ0 शिवकुमार चौहान ने कहॉ कि नववर्ष शक्ति का पर्व है, वही आर्य समाज कुरीतियों का समाधान प्रस्तुत करके श्रेष्ठ मानव बनाने का आन्दोलन है। शक्ति मिलने पर अहंकार का आना तथा अच्छा-बुरा विचारे बिना उत्पन्न समस्याओं का प्रमाणिक समाधान आर्य समाज के प्रमुख ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश मे निहित है। कार्यक्रम मे सुनील कुमार, डॉ0 कपिल मिश्रा तथा डॉ0 प्रणवीर सिंह ने भी सम्बोधित किया। छात्रों ने भी हिन्दु सनातन परम्परा तथा समसामयायिक समस्याओं से जुडे प्रश्न किये। कार्यक्रम मे एम0पी0एड0, बी0पी0एड0 प्रशिक्षु तथा बी0पी0ई0एस0 एवं बी0ए0 के छात्र उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी उपस्थित रहे।