दीपक मिश्रा
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रोटरी हरिद्वार एवं इंटरैक्ट क्लब, डीपीएस दौलतपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक अनूठी एवं भावनात्मक सामाजिक पहल की गई। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक एवं भावनात्मक महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें प्रेम, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में इंटरैक्ट क्लब के सदस्यों ने विद्यालय की छात्राओं के साथ मिलकर राखी बनाने की रचनात्मक गतिविधि आयोजित की। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक स्वयं राखियां तैयार कीं। इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, सुरक्षा, विश्वास और आपसी सम्मान का प्रतीक है।
इसके बाद इंटरैक्ट क्लब के सदस्यों एवं राखियां बनाने वाली छात्राओं को वात्सल्य वाटिका ले जाया गया। वहां डीपीएस दौलतपुर की छात्राओं ने वात्सल्य वाटिका के बच्चों को अपने हाथों से बनाई हुई राखियां बांधीं और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। इसी अवसर पर इमामी की ओर से उपलब्ध कराए गए AluFrut जूस को भी बच्चों को उपहार स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान वात्सल्य वाटिका के बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व और इस पर्व के पीछे छिपी भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा, विश्वास और आपसी स्नेह की भावना के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यालय में भी बच्चों को रक्षाबंधन की परंपरा एवं उसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व के बारे में समझाया गया।
इस पूरे कार्यक्रम में डीपीएस दौलतपुर की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम श्रीवास्तव, इंटरैक्ट क्लब की कोऑर्डिनेटर श्रीमती ममता तथा विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बच्चों ने पूरे उत्साह और संवेदनशीलता के साथ इस पहल में भाग लिया।
प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए रोटरी हरद्वार के अध्यक्ष डॉ. नील माधव साहू, उपाध्यक्ष गंगाधर नायक, सचिव धर्मेंद्र मान्धाता , विनीत सिंघल और डॉ. आलोक सारस्वत सहित रोटरी हरिद्वार के अन्य सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।
रोटरी हरिद्वार के सदस्यों ने बच्चों के साथ मिलकर इस पहल को केवल एक कार्यक्रम न बनाकर सेवा, स्नेह और सामाजिक समरसता का संदेश देने का माध्यम बनाया। सभी सदस्यों ने पूरे उत्साहपूर्वक इस कार्य में भाग लिया और बच्चों को यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल अपने परिवार के साथ मनाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ खुशियां बांटने में है जिन्हें हमारे स्नेह और अपनत्व की आवश्यकता है।
इस पहल ने बच्चों में सामाजिक संवेदनशीलता, समावेशिता और सेवा भावना को मजबूत करने का सार्थक प्रयास किया और रक्षाबंधन को प्रेम, भाईचारे एवं मानवता के उत्सव के रूप में मनाने का सुंदर संदेश दिया।