दीपक मिश्रा
…ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण पर रोक और श्रम कानूनों के चयनात्मक प्रयोग का आरोप, सैकड़ों श्रमिक प्रदर्शन में शामिल
हरिद्वार!
उत्तराखण्ड में श्रमिकों के कथित शोषण, ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण पर अघोषित रोक और श्रम विभाग की दमनकारी नीतियों के विरोध में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने मंगलवार को उप श्रम आयुक्त कार्यालय, हरिद्वार पर “हल्ला बोल” प्रदर्शन किया। दोपहर 2:30 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लिया और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बीएमएस उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री सुमित सिंघल ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानूनों के नियम लागू न होने के बावजूद उनका हवाला देकर ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण रोके जा रहे हैं। उन्होंने इसे श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कहा कि जानबूझकर यूनियन पंजीकरण और फॉर्म-जे की फाइलें महीनों से लंबित रखी जा रही हैं, ताकि श्रमिक संगठित न हो सकें।
उन्होंने हीरो मोटोकॉर्प, सिडकुल हरिद्वार का उदाहरण देते हुए कहा कि 51 प्रतिशत से अधिक सदस्य संख्या होने के बावजूद कर्मचारी संघ को मान्यता नहीं दी जा रही है, जबकि अवैध रूप से कमेटियां चलाई जा रही हैं। बीएमएस ने यह भी आरोप लगाया कि ठेका श्रमिकों से खतरनाक मशीनों पर काम कराया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है।
प्रदेश महामंत्री ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो श्रम आयुक्त कार्यालय का पूर्ण घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन और श्रम विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।