दीपक मिश्रा
हरिद्वार। पंचपुरी हरिद्वार के कवि, साहित्यकार एवं चेतना पथ मासिक पत्रिका के संपादक श्री अरुण कुमार पाठक आगामी लोकसभा निर्वाचन में भारत सरकार के योजना के अनुरूप, अधिक से अधिक मतदान को बढ़ावा देने तथा विशेषरूप से नये मतदाताओं के बीच मतदान अवश्य करने हेतु, जागरुकता अभियान के प्रचार-प्रसार करने के अन्तर्गत, अपनी एक विशेष काव्य रचना *वोट डालने जायेगे* के माध्यम से इस अभियान को गति प्रदान करने के कार्य में जुटे रहे हैं।
इस काव्य रचना में एक ओर जहाँ मतदाताओं को एक सौ प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिये प्रेरित किया गया है, वही एक वोट की ताकत से मतदाताओं को अवगत कराते हुए स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक मतदान करने का आग्रह किया गया है। अपनी कविताओं के द्वारा मतदाता जागरुकता के प्रचार-प्रसार करने के अलावा श्री अरुण पाठक ने बड़ी मात्रा में ‘मतदान प्रथम’ शीर्षक से एक अपील भी मतदाताओं को वितरित की है।
उल्लेखनीय है कि श्री अरुण कुमार पाठक ने इसके पहले हरिद्वार महाकुम्भ के दौरान हरिद्वार महाकुम्भ व माँ गंगा का महिमा मंडन करती सात गीतों की वीडियो एलबम ‘सुनो माँ गंगा रही पुकार’, जुलाई, 2022 में हरिद्वार कांवड़ मेले पर पाँच काँवड़ गीतों की आडियो एलबम तथा विगत वर्ष मई, 2023 में गंगा सप्तमी के अवसर पर उन्होंने अपने स्वरों में ‘श्रीगंगा अष्टोत्तरशतनाम (गंगाजी के 108 नाम का आडियो भजन भी जारी किया जा चतुका है। अगस्त 2022 में भारतीय स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के देशव्यापी आह्वान को अक्षरशः अंगीकार करते हुए भारत के 75 ज्ञात एवं अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की कविताओं का सचित्र काव्य संकलन ‘आजादी के परवाने’ प्रकाशित भी किया था, जिसे ‘वर्ल्डवाइड बुक आफ रिकार्ड्स’ में एक विश्व कीर्तिमान के रूप में शामिल किया जा चुका है। यही नहीं, हाल ही में अयोध्याधाम में श्रीराम मंदिर की स्थापना तथा प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उनके द्वारा तैयार बधाई वीडियो गीत ‘बना प्रभुराम का मंदिर’ भी बहुत लोकप्रिय हो चुका है, जिसे उनके अलावा हरिद्वार के संगीत कलाकारों- हेमंत पाठक, सुमन पंत तथा सीमा धीमान के भी स्वरों से सजाया गया था।
*हम सब मिलजुल करके वोट डालने जायेगे*
अबकी हम सब मिल जुल करके वोट डालने जायेगे,
सौ प्रतिशत मतदान कराके, नव कीर्तिमान बनायेगे।
अबकी हम सब…..
लोकतंत्र में मतदाता का, मत ही उसकी पहचान है,
यह तो नहीं अहसान देश पर हर वोटर की शान है।
अबकी हम सब…..
बड़ी शान से तर्जनी का वो अमिट निशान दिखायेंगे,
एक वोट की ताकत कितनी यह सब को बतलायेंगे।
अबकी हम सब…..
गये ज़माने नहीं हमें जब, मत–शक्ति का ज्ञान था,
एक वोट से जाती सत्ता, इस का भी नहीं भान था।
अबकी हम सब…..
पहले वोट पड़ेगा अपना, तब और काम निपटायेंगे,
संयम बुद्धि और विवेक से, बेह्तर सरकार बनायेगे।
अबकी हम सब…..
छोटे बड़े हों लालच कितने भी हमें खींच न पायेंगे, बल्ब
वोट नेताओं से एक आदर्श ढूढ कर लायेंगे।
अबकी हम सब…..
भारत भाग्य विधाता का हम सच्चा फर्ज़ निभायेंगे,
सर्वश्रेष्ठ गणतंत्र हमारा, दुनियां को हम दिखलायेंगे।
अबकी हम सब…..