शांतिकुंज में युवाओं और महिलाओं ने सीखे जीवनरक्षक उपाय सेना के पूर्व अधिकारी डॉ गिरीश गुप्ता ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

दीपक मिश्रा 

हरिद्वार 30 मई।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में जीवन रक्षक उपाय के अंतर्गत राष्ट्र रक्षा आपदा सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में सेना के पूर्व सर्जन रियर एडमिरल फ्लेग आफिसर डॉ गिरीश गुप्ता ने अपने जीवन कई दशकों के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विभिन्न आपदाओं के दौरान दिये जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा के अंतर्गत मरीज को उठाने, सीपीआर देने आदि के व्यावहारिक व सैद्धांतिक उपायों के प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यावहारिक पक्ष रहा, जिसके तहत सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) कार्यशाला का आयोजन किया गया।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. गुप्ता ने पुतलों के माध्यम से हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों में सीपीआर देने का लाइव प्रैक्टिकल कराया। उन्होंने बताया कि सही तकनीक और सही दबाव से किसी डूबते या बेहोश व्यक्ति की सांसें वापस लौटाई जा सकती हैं। संकट के समय सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।
यह कार्यशाला संस्था प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, श्रद्धेया शैलदीदी और युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या के संरक्षण व निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार हमेशा से राष्ट्र रक्षा और आपदा प्रबंधन में अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है। कार्यशाला के समापन पर अनेक भाइयों एवं महिलाओं ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे किसी आपदा अथवा रोजमर्रा की जिंदगी में किसी की अचानक थमती सांसों को बचाने में सक्षम हो सकेंगे। इस अवसर पर शांतिकुंज के अंतेवासी भाई-बहिनों सहित व विभिन्न साधना, प्रशिक्षण शिविरों में आये युवाओं, महिलाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।

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